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राजस्थान पटवार संघ का धरना, 9 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन जारी

हनुमानगढ़। राजस्थान पटवार संघ का धरना सोमवार को आठवे दिन भी जारी रहा, जिसमें पटवारियों और कानूनगों ने अपनी 9 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया। पटवारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में रैली निकाली और कलैक्ट्रैट के समक्ष धरना दिया। इस आंदोलन की अगली कड़ी में कानूनगों संघ ने भी अपनी समर्थन में कार्य बहिष्कार शुरू किया और आंदोलन में पूरी तरह से भाग लिया।

पटवार संघ जिलाध्यक्ष अमर सिंह दहिया, तहसील अध्यक्ष अनिल सहू और कानूनगों संघ जिलाध्यक्ष चन्द्रभान ज्याणी के नेतृत्व में पटवारियों और कानूनगों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पटवारियों का कहना था कि उनकी 9 सूत्री मांगों को लेकर राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे उनकी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

धरने के दौरान पटवारियों ने कई मुद्दों पर सरकार से तत्काल समाधान की मांग की। पटवारियों का आरोप है कि उनकी मेहनत और कार्यभार के बावजूद उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसके अलावा, उनकी पदोन्नति और अन्य अधिकारों को लेकर भी लगातार उपेक्षा की जा रही है। पटवार संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, पदोन्नति की प्रक्रिया को सरल बनाने, कार्यभार में वृद्धि के अनुसार अतिरिक्त सुविधाओं की मांग की।

कानूनगों संघ के जिलाध्यक्ष चन्द्रभान ज्याणी ने कहा कि कानूनगों और पटवारियों के कार्य में समानता होनी चाहिए और दोनों के लिए समान अधिकार और वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानूनगों संघ पटवारियों की मांगों के समर्थन में है और उनके आंदोलन में पूरा सहयोग करेगा।

पटवारी विश्राम गृह से निकली रैली में सैकड़ों पटवारी और कानूनगों शामिल हुए। रैली में पटवारियों और कानूनगों ने “हमारी मांगें पूरी करो, नहीं तो आंदोलन और तेज होगा” जैसे नारे लगाए। रैली का उद्देश्य सरकार के ध्यान को अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करना था।

धरने के बाद पटवारियों और कानूनगों ने कलैक्ट्रैट के सामने विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से अपनी 9 सूत्री मांगों के बारे में आश्वासन प्राप्त करने की कोशिश की। पटवार संघ के नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया, तो वे और उग्र आंदोलन की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं, जिसमें प्रदेशभर में पटवारियों और कानूनगों द्वारा कार्य बहिष्कार और धरने की कार्रवाई की जा सकती है।

पटवार संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं करती। इस धरने में पटवारियों और कानूनगों की एकता साफ तौर पर दिखाई दी, जिससे यह संदेश गया कि वे अपनी हक की लड़ाई में किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेंगे।

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