
- हनुमानगढ़। महिला अधिकारिता विभाग द्वारा महिलाओं और युवतियों के लिए वाहन चालन कोर्स एवं यातायात नियमों की जानकारी हेतु एक विशेष कार्यशाला का आयोजन सामुदायिक भवन, न्यू सिविल लाइन, हनुमानगढ़ जंक्शन में किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वाहन चालन की जानकारी देना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था।कार्यक्रम का शुभारंभ सुनील स्वामी, जेंडर स्पेशलिस्ट, द्वारा किया गया। उन्होंने महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, जो महिलाओं एवं बालिकाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ये योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा को भी सुनिश्चित करती हैं।ट्रैफिक इंचार्ज राजेंद्र कुमार ने उपस्थित युवतियों को यातायात नियमों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहन चलाना आवश्यक है और इसके लिए ट्रैफिक नियमों की सही जानकारी होना अनिवार्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना के बारे में भी जानकारी दी। इस योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर सरकारी या निजी अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। इसके अलावा, उन्होंने ‘गुड सेमेरिटन’ नागरिकों के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले किसी भी नागरिक को पुलिस द्वारा अनावश्यक पूछताछ के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, और यदि वह गवाही देने के इच्छुक नहीं हैं, तो उन पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा।महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक प्रवेश कुमार सोलंकी ने बालिकाओं से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री नारी शक्ति एवं कौशल संवर्धन योजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दी जा रही सुविधाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि ‘गुड सेमेरिटन’ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं, जिसके तहत कोई भी अस्पताल किसी भी मददगार नागरिक को रुकने या अपनी निजी जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।इस कार्यशाला में सहायक प्रोग्रामर निशा कामरा, केंद्र प्रबंधक श्रीमती रेखा शर्मा, श्रीमती रीटा, धापां, सुमन, श्रुतिका एवं रमनदीप सहित कई अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।कार्यशाला में महिलाओं को सुरक्षित वाहन चलाने, सड़क पर सतर्कता बरतने और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के प्रति प्रेरित किया गया। इस तरह के कार्यक्रम न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायक होते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता बढ़ाते हैं।
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