
अखिल राजस्थान लैब टेक्नीशियन कर्मचारी संघ की आज जयपुर में प्रांतीय मीटिंग आयोजित की गई | जिसमें लैब टेक्नीशियन संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह के साथ प्रदेश से आए संगठन पदाधिकारीयो ने खेमराज कमेटी की रिपोर्ट पर शोक व्यक्त करते हुए 2 मिनट का मौन रखकर बाद में अन्याय पूर्ण रिपोर्ट का रावन दहन किया प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि प्रदेश में लैब टेक्नीशियन सुबह के मरीज की गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट शाम को उपलब्ध करा देता है लेकिन सरकार में इनकी आंख बंद करके चार दशकों से अनदेखी कैसे की जा सकती है मीडिया प्रभारी संतोष शर्मा एवं प्रदेश प्रवक्ता बाल कृष्ण शर्मा ने कहा कि हमने हमारे जॉब चार्ट से लेकर के शैक्षणिक प्रशैक्षणिक योग्यताओं के साथ दूसरे राज्यों से तुलनात्मक विवरण कमेटी को दिया, कमेटी सदस्य वार्ता में पूर्ण संतुष्ट दिखाई दिए लेकिन जिस तरह की रिपोर्ट आई है वह वित्त विभाग के इशारे पर है ,ना की संघ व प्रदेश के लैब टेक्नीशियन के जोखिम व संक्रमण भरे कार्य और मांगपत्र व प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर | संयोजक राजेंद्र स्वामी महामंत्री तरुण सैनी कोषाध्यक्ष मोहन सिंह राजावत , विशिष्ट सचिव सुरेश देबाना ने बताया कि हरियाणा में खट्टर सरकार ने अपने पहले ही कार्यकाल में दसवीं पास 9 माह के प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को ग्रेड पे 4200 दे रखी है इसी तरह उत्तराखंड पश्चिम बंगाल से लेकर अनेकों राज्यों के हालात राजस्थान से कई गुना बेहतर है| राजस्थान में आज भी ग्रेड पे 2800 मिल रही है हमने सरकार के बजट पूर्व चर्चा में भी ग्रेड पे एवं स्टॉपिंग पैटर्न के मुद्दे को भी पुरजोर तरीके से रखा था, न्याय की भारी उम्मीद थी लेकिन 4 दशकों की भांति एक बार पुनः निराशा हाथ लगी , जिनको देना होता है टेबल थपथपा करके उनकी मांग पूरी कर दी जाती है उनके लिए कोई कमेटी नहीं होती, इसीलिए मजबूरी में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है



