Flash Story
विकसित भारत-जन सेवा अभियान : राष्ट्रीय स्वेच्छिक रक्तदान दिवस पर आमजन ने किया रक्तदान
वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
एफआईआर 185/2026 में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग, महिला थाना अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर हनुमानगढ़ में पुलिस द्वारा मैराथन दौड़ का आयोजन
आंगन मिलन सेवा से सजा अपनत्व का आंगन, स्वास्थ्य और पोषण का दिया संदेश
लायंस क्लब रॉयल्स के शिविर में 27 यूनिट रक्त संग्रहित
बीकानेर संभाग टोली की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, संगठन विस्तार व नशा मुक्त समाज निर्माण पर मंथन
पीलीबंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत NDPS एक्ट का वांछित आरोपी गिरफ्तार
वार्ड 10 में चोरी की घटनाओं से वार्डवासी परेशान, थाने पहुंचे वार्डवासी

नोहर में पांच जांच लैब का आकस्मिक निरीक्षण, अनियमितताएं मिलने पर सभी संस्थान को करवाया बंद

हनुमानगढ़। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा खण्ड नोहर में संचालित जांच लैबों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में किया गया। निरीक्षण दल में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा एवं डीपीसी अनीश गांधी शामिल रहे। टीम द्वारा नोहर क्षेत्र में संचालित विभिन्न जांच लैबों की गहन जांच की गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर जांच लैब एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीयन करवाने एवं आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया जाता रहा है। इसी क्रम में सोमवार को आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अलवर लैब एंड एक्स-रे सेंटर, अरिहंत लैबोरेट्री, शुभम लैबोरेट्री, श्री लैबोरेट्री एवं सरदारजी लैबोरेट्री का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि सभी संस्थानों में विभिन्न प्रकार की गंभीर कमियां एवं अनियमितताएं पाई गई। अलवर लैब एंड एक्स-रे सेंटर के संबंध में पाया गया कि संस्थान का क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीयन तो था, किन्तु बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं किया जा रहा था। साथ ही फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं था तथा लैब में उपलब्ध जांच सुविधाओं की सूची भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। इसके अतिरिक्त वहां कार्यरत स्टाफ के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता (डिग्री/डिप्लोमा) भी उपलब्ध नहीं पाई गई।

वहीं, अरिहंत लैबोरेट्री एवं सरदारजी लैबोरेट्री के पास क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत कोई पंजीयन नहीं पाया गया। शुभम लैबोरेट्री एवं श्री लैबोरेट्री का पंजीयन अवधि समाप्त हो चुकी थी, जिसे समय पर नवीनीकृत नहीं कराया गया। सभी निरीक्षित संस्थानों में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में गंभीर लापरवाही पाई गई। इसके अतिरिक्त किसी भी संस्थान द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट सर्टिफिकेट, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) सर्टिफिकेट, फायर सर्टिफिकेट सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

डॉ. शर्मा ने बताया कि गंभीर अनियमितताओं को दृष्टिगत रखते हुए निरीक्षण दल द्वारा तत्काल प्रभाव से सभी पांचों जांच लैबों को बंद करवाया गया। साथ ही निर्देश दिए गए कि सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण करने, वैध पंजीयन करवाने एवं निर्धारित मानकों का पूर्णत: पालन सुनिश्चित करने के पश्चात ही पुन: संचालन की अनुमति दी जाएगी। डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले में मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु इस प्रकार के निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेंगे तथा नियमों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Back To Top