भक्ति, संस्कार और समरता का संगम: भागवत कथा के दूसरे दिन उमड़ी भीड़

सेन जी महाराज और बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती पर दी गई भावांजलि
– रमेश भार्गव,ऐलनाबाद
कुरुक्षेत्र (भिवानी खेड़ा): वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र के तत्वावधान में नालंदा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। आज की कथा न केवल आध्यात्मिक चर्चा का केंद्र रही, बल्कि भक्त शिरोमणि सेन जी महाराज और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर सामाजिक समरता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
सेन परिवार ने निभाई मुख्य यजमान की भूमिका
कथा के द्वितीय दिवस पर मुख्य यजमान के रूप में श्री श्याम लाल जी सेन एवं सपरिवार ने व्यास पीठ का पूजन किया। सेन जी महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में परिवार द्वारा विशेष आरती की गई। कथा व्यास सुश्री दीदी श्री जी ने बताया कि कैसे सेन जी महाराज की भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं भगवान ने उनका रूप धारण किया था।
संतों और गणमान्य अतिथियों का सानिध्य
आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र के सुप्रसिद्ध ब्रह्मानंद आश्रम से पधारीं पूज्या साध्वी दीदी जी ने अपनी उपस्थिति से भक्तों को कृतार्थ किया। उनके साथ मंच पर महंत दुर्गादास जी महाराज (ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर) एवं महंत गोविंदाचार्य जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। संतों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर समाज को एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
बेटियों के संस्कार और सामाजिक एकता पर जोर
‘वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र’ के तत्वाधान में हो रहे इस आयोजन में वक्ताओं ने बाबा साहेब अंबेडकर के ‘शिक्षित बनो’ के नारे को दोहराते हुए बेटियों की शिक्षा और संस्कारों पर बल दिया। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि वे समाज में व्याप्त ऊंच-नीच के भेदभाव को भुलाकर सामाजिक समरता के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस पुनीत अवसर पर क्षेत्र की अनेक प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें मुख्य रूप से:
श्री सरजन्त जी
श्री जसबीर जी
श्री रामस्वरूप जी
श्री हाकम सिंह जी
श्री सूरज भान जी
श्री फूल सिंह जी
इन सभी ने व्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया और कथा श्रवण कर पुण्य लाभ कमाया
विशेष आकर्षण
कथा का कोई व्यक्ति विशेष आयोजक नहीं है, आयोजक है – ‘आप और हम’
वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र


