Flash Story
हनुमानगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹5000 का इनामी हिस्ट्रीशीटर नरेश भादू अवैध पिस्तौल व कारतूस के साथ गिरफ्तार
मकून्स प्राइमरी विंग, सरस्वती कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने किया इस्कोन मंदिर का सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक भ्रमण
स्थापना दिवस तभी सार्थक है, जब उसका उत्सव समाज के काम आए – आशीष विजय
19 जुलाई को सूरतगढ़ में लगेगा भव्य निःशुल्क आयुर्वेद-नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर
ऐलनाबाद में श्रद्धा और भक्ति का उमड़ा सैलाब
श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया
19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की चिंता पूरे देश के युवाओं की चिंता : कुमारी सैलजा
चौधरी मनीराम झोरड़ राजकीय महाविद्यालय मिठी सुरेरा ऐलनाबाद को सरपंच ने वाटर कूलर भेंट किया
नकली नोट सप्लाई करने वाला, हिस्ट्रीशीटर भूरिया तीन दिन के रिमांड पर, जेल से प्रोडक्शन पर

सुरेन्द्र सांखला की मदद से तुरंत बेजुबान जानवर के साथ हुई ज्यादती पर हुई कार्रवाई

हनुमानगढ़। कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक बेसहारा श्वान को बोरियों में बंद कर जबरदस्ती ले जाते हुए दिखाया गया था। इस वीडियो को लेकर एनीमल वेलफेयर चैरिटेबल टस्ट और स्थानीय नागरिकों में गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। वीडियो में दिखाया गया कि 6 फरवरी 2025 को प्रातः 11 बजे एक श्वान को गट्टे (बोरी) में डालकर ले जाते हुए कुछ लोग दिखाई दिए थे। इस घटना के बाद एनीमल वेलफेयर चैरिटेबल टस्ट के सदस्य सक्रिय हो गए और मामले की जांच शुरू कर दी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालन करते हुए ज्योति शर्मा, अम्बाली गोदारा, नील कंवर सहित अन्य एनीमल वेलफेयर चैरिटेबल टस्ट के सदस्य जंक्शन थाना पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। इन सदस्यों ने मामले की वीडियो भी थाना में जमा की, जिससे जांच को आगे बढ़ाया जा सके। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई शुरू की।
मामले की जांच में यह पाया गया कि यह श्वान स्थानीय आश्रय स्थल के पास लंबे समय से रह रहा था और उसका स्वभाव शांत था। आसपास के लोग उसे नियमित रूप से देखभाल करते थे। वीडियो में साफ दिख रहा था कि इस श्वान को बोरियों में डालकर जबरदस्ती ले जाया जा रहा था, जिसे लेकर काफी लोग चिंतित थे। इसके बाद, एनिमल वेलफेयर के सदस्य इस मामले को लेकर सक्रिय हो गए और मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस प्रशासन ने एएसआई कृष्ण लाल बिश्नोई और सुरेन्द्र सांखला की मदद से तुरंत कार्रवाई की और श्वान को उसी स्थान पर वापस सुपुर्द कर दिया। पुलिस के इस त्वरित कदम से जानवर को न्याय मिला।
मामले के मुख्य आरोपी अमर सिंह को एनीमल वेलफेयर द्वारा 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इस मामले में माईनखान एडवोकेट का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ, जिन्होंने कानूनी पहलुओं में मदद की।
एनीमल वेलफेयर चैरिटेबल टस्ट के सदस्यों ने बताया कि यह घटना यह साबित करती है कि बेजुबान जानवरों के प्रति किसी भी प्रकार की ज्यादती को सहन नहीं किया जाएगा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सभी संगठनों और पुलिस प्रशासन ने मिलकर कदम उठाए हैं।

Back To Top