हनुमानगढ़ को बाल भीक्षावृत्ति मुक्त बनाने की मुहिम तेज, बाल कल्याण समिति की सख्ती जार

हनुमानगढ़। जिले को बाल भीक्षावृत्ति मुक्त करने के उद्देश्य से बाल कल्याण समिति की टीम लगातार सक्रिय है। समिति के अध्यक्ष जितेंद्र गोयल के नेतृत्व में टीम विभिन्न धार्मिक स्थलों, बाजारों और होटलों पर छापेमारी कर रही है तथा लोगों को समझाइश देकर इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए प्रयासरत है।
बुधवार को नवरात्रि महोत्सव के तहत टाउन के निकट स्थित गांव अमरपुरा थेहड़ी के प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर मेले में भीक्षावृत्ति कर रहे बच्चों की सूचना मिलने पर टीम तुरंत हरकत में आई। अध्यक्ष जितेंद्र गोयल, बैच मजिस्ट्रेट विजय सिंह चौहान, अनुराधा सहारण, सुमन सैनी व प्रेम शर्मा के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। इस दौरान कई बच्चे श्रद्धालुओं से भीख मांगते हुए पाए गए, जिन्हें टीम ने तुरंत वहां से हटाकर पुलिस चौकी पहुंचाया।
8 बच्चों को कराया गया मुक्त, परिजनों को दी चेतावनी
कार्यवाही के दौरान लगभग 8 बच्चों को भीख मांगते हुए पकड़ा गया। टीम ने तुरंत उनके परिजनों को बुलाकर उन्हें सख्त चेतावनी दी कि वे अपने बच्चों से भीख न मंगवाएं, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। समिति ने समझाइश दी कि बच्चों का भविष्य शिक्षा में है, न कि भीख मांगने में। जांच में सामने आया कि इनमें से अधिकतर बच्चे हनुमानगढ़ जंक्शन क्षेत्र की कच्ची बस्तियों के निवासी थे।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र गोयल ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करने और उन्हें बाल श्रम से मुक्त करने के लिए जिले में विशेष पहल की जा रही है। इसके तहत भट्टों पर काम करने वाले बच्चों और जंक्शन क्षेत्र के गरीब बच्चों के लिए ष्संस्कारित पाठशालाष् में निःशुल्क कक्षाएं चलाई जा रही हैं, ताकि वे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हनुमानगढ़ को पूरी तरह बाल श्रम एवं बाल भीख मुक्त बनाना है और इसके लिए उनकी टीम पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।
बाल कल्याण समिति के सदस्य विजय सिंह चौहान ने बताया कि लंबे समय से जिले को बाल श्रम मुक्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं और इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। अब तक जिले की लगभग 70% झुग्गी-झोपड़ियों के बच्चे शिक्षा से जुड़ चुके हैं और बाल श्रम व भीख मांगने की कुप्रथा से मुक्त हुए हैं।
टीम ने मेला मैदान में हनुमानगढ़ सेवा समिति द्वारा लगाए गए कैंप में जाकर गोयल ने आमजन से अनाउंस कर अपील कि श्रद्धालु बच्चों को नगद भिक्षा न दें, क्योंकि इससे भीख मांगने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है। इसके बजाय यदि कोई बच्चा भीख मांगते हुए दिखाई दे, तो तुरंत बाल कल्याण समिति व पुलिस चौकी भद्रकाली को सूचित किया जाए, ताकि उचित कार्यवाही की जा सके।
बाल कल्याण समिति ने स्पष्ट किया कि आमजन का सहयोग इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि लोग बच्चों को भीख देने की बजाय उनकी शिक्षा और विकास के लिए कार्य करेंगे, तो न केवल उन बच्चों का भविष्य सुधरेगा, बल्कि समाज भी इस कुरीति से मुक्त होगा।



