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जिला स्तरीय हथकरघा बुनकर पुरस्कार के लिये आवेदन आमंत्रित

(नवरतन भारत)

              श्रीगंगानगर, 25 जून। राज्य के हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से हर वर्ष की भांति राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष भी बुनकरों को नगद पुरस्कार देने का प्रावधान किया है। इसके अनुसार जिला स्तरीय पुरस्कार हेतु जिले की सीमा मे कार्यरत हथकरघा बुनकरों से आवेदन पत्र आमन्त्रित हैं।
जिला उ़द्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबन्धक श्री हरीश मित्तल ने बताया कि इसके लिए वही बुनकर पात्र हैं, जो हथकरघा पर बुनाई कार्य में पिछले तीन वर्षों से कार्य कर रहे हैं तथा जिन्हें गत तीन वर्षां में इस पुरस्कार के लिए चयनित नहीं किया गया है। पात्र हथकरघा बुनकर अपना आवेदन 30 जून 2025 तक जिला उद्योग केन्द्र में जमा करा सकते हैं। आवेदन पत्र जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र श्रीगंगानगर कार्यालय समय में प्राप्त किया जा सकता है।

डीलरों का देसी कोर्स का दीक्षांत समारोह सम्पन्न
श्रीगंगानगर, 25 जून। परियोजना निदेशक (आत्मा) श्रीगंगानगर में आदान विक्रेता (डीलर्स) का एक वर्षीय डिप्लोमा का दीक्षांत समारोह बुधवार को आयोजित किया गया। इसके मुख्य अतिथि अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. जी.आर. मटोरिया, उप निदेशक कृषि डॉ. विनोद सिंह गौतम एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा)  सुदेश कुमार, उप परियोजना निदेशक (आत्माद्ध) फैसिलिटेटर देसी कोर्स  महावीर पचार एवं गुरजंट सिंह ने भाग लिया।
डॉ. विनोद सिंह गौतम ने अतिथियों एवं देसी डीलरों का सम्मान किया एवं देसी के महत्व को विस्तार से समझाया। सुदेश कुमार ने इस डिप्लोमा की रूपरेखा बताई व 48 सप्ताह तक सैद्धांतिक व प्रायौगिक प्रशिक्षण के बारे में बताया। कार्यक्रम में डॉ. मटोरिया द्वारा कृषि प्रधान जिले बताते हुए डिप्लोमा प्रशिक्षित अभ्यार्थियों को कृषकों की समस्याओं का समाधान मौके पर करने का संदेश दिया एवं फील्ड में जाकर लिए गए प्रशिक्षण की क्रियान्विति किसानों के खेतों पर करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में श्रीमती प्रीति गर्ग सहायक निदेशक उद्यान ने आदान विक्रेताओं को बधाई देते हुए इस डिप्लोमा का महत्व बताया। इस डिप्लोमा को करने से डीलर्स कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि अधिकारी बन गये हैं। किसान डिलर्स पर विश्वास करता है।
कार्यक्रम में श्री महावीर पचार ने सभी डिप्लोमा धारक डिलर्स को बधाई देते हुए बताया कि किसानों द्वारा अत्यधिक रसायनों व कीटनाशकों, उर्वरकों के उपयोग से भूमि दिन.प्रतिदिन प्रदूषित होती जा रही है।  मदन लाल जोशी सेवानिवृत सहायक निदेशक कृषि ने मंच का संचालन किया एवं वर्ष भर की गतिविधियां बताते हुए सभी अतिथियों एवं उपस्थित अधिकारी, वैज्ञानिक का आभार प्रगट किया। 

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