धोखाधड़ी का मामला ग्रामीणों ने बैंक के खिलाफ किया प्रदर्शन
हनुमानगढ़। गांव मुण्डा के ग्रामीणों ने टाउन जंक्शन रोड पर स्थित इंडसइंड बैंक के सामने आज जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बैंक और आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। इस प्रदर्शन की अगुवाई ग्रामीण पुष्पेन्द्र बैनिवाल व मनीष मक्कासर ने की, जिन्होंने धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया। पुष्पेन्द्र बैनिवाल ने आरोप लगाया कि गांव के शीशपाल और उसके पुत्र रमेश कुमार ने मिलकर उनके नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ट्रैक्टर का लोन पास करवाया। इन लोगों ने लोन की राशि खुद उठा ली, जबकि विनोद को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब जून 2024 में बैंक से कॉल आई और बताया गया कि लोन की किश्त बकाया है। विनोद ने जब बैंक में जाकर जांच की, तो पता चला कि उनके नाम से फर्जी तरीके से लोन लिया गया था। इसके बाद उन्होंने 8 जनवरी 2025 को टाउन थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करवाई। एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस देरी से नाराज होकर ग्रामीणों ने बैंक के सामने धरना दिया और न्याय की मांग की। विनोद कुमार ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर न केवल बैंक को गुमराह किया, बल्कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां भी दीं। आरोपियों ने कहा कि अगर उन्होंने इस मामले में कोई कदम उठाया, तो उनका और उनके परिवार का शोषण किया जाएगा। जिला परिषद डायरेक्टर मनीष मक्कासर ने इस मामले को एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह घटना उन शातिर आरोपियों की साजिश का हिस्सा है, जो बैंकों को गुमराह करके पैसे हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। मक्कासर ने इस प्रकरण की गहराई से जांच की मांग की ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें मनीष मक्कासर, पुष्पेंद्र बेनीवाल, राम कुमार, श्यामसुंदर मुण्डा, रेशम सिंह, कालूराम जलंधरा, राजेंद्र कुमार, सुभाष, यश चिलाना, नवनीत सुखीजा, मोतीलाल, ओमप्रकाश, रामजस बेनीवाल समेत कई अन्य लोग शामिल थे। सभी ने एकजुट होकर पुलिस और बैंक अधिकारियों से न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और बैंक प्रशासन से मांग की कि शीघ्र कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित को न्याय दिलाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी से अन्य लोग भी प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए सख्त कदम उठाए जाने जरूरी हैं। इस मामले में पुलिस और बैंक की भूमिका अहम है। पुलिस को शीघ्र जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहिए और बैंक को भी अपनी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सख्ती बरतनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।



