रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक, बीकानेर

अध्यक्षता: ओमप्रकाश, महानिरीक्षक पुलिस (IGP), बीकानेर रेंज
प्रतिभागी: पुलिस अधीक्षकगण (बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चुरू)
समीक्षा अवधि: 25 फरवरी 2026 से 03 मई 2026
1. विशेष अभियानों की सांख्यिकीय प्रगति
बैठक के दौरान पिछले दो महीनों में मादक पदार्थों, अवैध हथियारों और शराब तस्करी के विरुद्ध की गई कार्रवाई के आंकड़े प्रस्तुत किए गए:
A. एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई
नशा तस्करी के खिलाफ बीकानेर रेंज ने व्यापक स्तर पर प्रहार किया है:
प्रकरण दर्ज: 427 | गिरफ्तार व्यक्ति: 529
बरामदगी: * 1629 किलो डोडा पोस्त, 47.785 किलो अफीम, 32,230 अफीम के हरे पौधे।
53.361 किलो हेरोइन, 65.385 किलो गांजा, 516 ग्राम एमडी (MD)।
26,868 नशीली गोलियां और 2,62,235 प्रतिबंधित टेबलेट।
जब्ती: 14,26,970 रुपये नकद और 113 वाहन।
B. आर्म्स (Arms) एक्ट के तहत कार्रवाई
प्रकरण दर्ज: 86 | गिरफ्तार व्यक्ति: 86
बरामदगी: 106 फायर आर्म्स (हथियार), 457 कारतूस, 32 मैगजीन।
तकनीकी जब्ती: 01 ड्रोन और 01 वाहन।
C. आबकारी (Excise) अधिनियम के तहत कार्रवाई
प्रकरण दर्ज: 773 | गिरफ्तार व्यक्ति: 722
बरामदगी: 12,281 बोतल अंग्रेजी शराब, 8,582 बोतल देशी शराब, 1807 बोतल बीयर, 725 लीटर हथकढ़ शराब।
जब्ती: 30,370 रुपये नकद और 21 वाहन।
D. वांछित अपराधियों की धरपकड़
कुल गिरफ्तारियां: 1348 (स्थाई वारंटी, पीओ, इनामी और भगौड़े अपराधी)।
2. गैंगस्टरों के विरुद्ध बड़ी स्ट्राइक
संगठित अपराध के खात्मे हेतु विभिन्न सक्रिय गैंग्स के 36 गुर्गों को सलाखों के पीछे भेजा गया, जिनमें प्रमुख हैं:
रोहित गोदारा गैंग, विशाल पचार गैंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग, अमित उर्फ जैक पंडित गैंग, आरजू बिश्नोई गैंग और सज्जन बालसमन्दिया गैंग।
3. बैठक के मुख्य दिशा-निर्देश एवं भविष्य की रणनीति
महानिरीक्षक पुलिस ने रेंज के चारों जिला कप्तानों को निम्नलिखित प्राथमिकताएं निर्धारित करने के निर्देश दिए:
त्वरित न्याय: लूट, हत्या और डकैती जैसे गंभीर पेंडिंग मामलों का समयबद्ध निस्तारण करें।
महिला एवं बाल सुरक्षा: ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति लागू करें। पॉक्सो (POCSO) एक्ट के मामलों में जांच को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करें।
साइबर सुरक्षा: बढ़ते साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए तकनीकी संसाधनों को अपडेट करें और जन-जागरूकता अभियान चलाएं।
पुलिस दृश्यता (Visibility): राजमार्गों और शहरी क्षेत्रों में गश्त (Patrolling) बढ़ाएं ताकि आमजन में सुरक्षा का भाव पैदा हो।
कठोर निरोधात्मक कार्रवाई: आदतन अपराधियों और ड्रग माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसने के निर्देश।
“हमारा लक्ष्य रेंज में शांति व्यवस्था कायम रखना और अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करना है।” >


