अपराध

विदेश से चल रहे रंगदारी सिंडिकेट का भंडाफोड़; गैंग का मुख्य मददगार चन्दनमल गिरफ्तार, अब तक 16 धरे गए

हनुमानगढ़ जिला पुलिस ने संगठित अपराधियों और अंतरराष्ट्रीय रंगदारी सिंडिकेट के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) श्री नरेन्द्र सिंह मीना के निर्देशन में गोगामेड़ी थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गैंग के बैकएंड (लॉजिस्टिक्स और फाइनेंस) को संभालने वाले मुख्य मददगार चन्दनमल उर्फ चानण को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक एक नाबालिग सहित कुल 16 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है।

विदेश में बैठा बेटा, देश में पिता संभाल रहा था ‘सिंडिकेट’

पकड़ा गया आरोपी चन्दनमल उर्फ चानण (60) चुरू जिले के सरदारशहर का रहने वाला है। वह इस सिंडिकेट को विदेश से ऑपरेट कर रहे कुख्यात गैंगस्टर महेंद्र डेलाना का पिता है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि महेंद्र डेलाना विदेश में बैठकर रंगदारी और फिरौती का नेटवर्क चला रहा है, जबकि भारत में उसका पिता चन्दनमल इस पूरे नेटवर्क के लिए सेफ हाउस (छिपने की जगह) का इंतजाम करने और फिरौती की रकम का हिसाब-किताब रखने का काम कर रहा था।

बीकानेर रोड पर छिपाई थी ₹2.5 लाख की फिरौती

गोगामेड़ी थानाधिकारी श्रीमती चंद्रकला और उनकी टीम द्वारा तकनीकी व मानवीय आसूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी चन्दनमल ने पूछताछ में कबूला कि करीब 8-9 महीने पहले उसने अपने बेटे महेंद्र डेलाना के कहने पर बीकानेर रोड स्थित केपीएस स्कूल के बोर्ड के नीचे छिपाकर रखी गई 2.50 लाख रुपये की फिरौती की राशि को ठिकाने लगाया था।

इसके अलावा, जब भी गैंग के शूटर या सदस्य किसी वारदात को अंजाम देकर भागते, तो चन्दनमल उन्हें पुलिस से बचाने के लिए अपने खेत में बनी ढाणी में पनाह देता था। हाल ही में उसने गैंग के कुख्यात गुर्गों राजकुमार उर्फ राजू डेंटर और योगेश उर्फ जोगेंद्र को भी अपने यहाँ छुपा कर रखा था। पुलिस ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगठित अपराध से जुड़ी धारा 111 (4) और 61 (2) (ए) के तहत गिरफ्तार किया है।

AGTF की सूचना पर टली थी बड़ी सनसनीखेज वारदात

उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले की शुरुआत 29 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) हनुमानगढ़ की सूचना पर गोगामेड़ी पुलिस ने भारी मात्रा में हथियारों के साथ एक नाबालिग सहित 7 शूटरों/आरोपियों को दबोचा था। ये आरोपी इलाके में किसी बड़ी और सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

अब तक हुई बरामदगी पर एक नज़र:

पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट पर शिकंजा कसते हुए अब तक भारी मात्रा में अवैध हथियार और वाहन जब्त किए हैं:

हथियार: 03 विदेशी पिस्टल सहित कुल 05 अवैध हथियार।

कारतूस: 02 एक्स्ट्रा मैगजीन और 70 जिंदा कारतूस।

वाहन: गैंग के परिवहन और वारदात में इस्तेमाल होने वाली 01 बोलेरो कैंपर और 01 अर्टिगा गाड़ी।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम:

इस प्रभावी और कामयाब ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में गोगामेड़ी थानाधिकारी श्रीमती चंद्रकला (पुनि), श्री प्रवीन (सउनि), श्री मोनू (कानि. 406), और श्री राकेश डीआर (कानि. 669) शामिल रहे।

मामले में पहले ही जेल जा चुके हैं ये 15 आरोपी:

पुलिस इस मामले में शामिल 15 अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज चुकी है। इनमें पार्थ राठौड़, रूपेन्द्र, मनोज (तीनों निवासी जैतपुर, बीकानेर), मुकेश (पूरबसर, हनुमानगढ़), राजूराम (नोयडा चक, बीकानेर), विकास उर्फ शूटर (उज्जलवास, हनुमानगढ़), अजय पहलवान उर्फ भोला, विकास उर्फ बग्गा (दोनों निवासी बाढड़ा, हरियाणा), राजेश (सिरसा, हरियाणा), मुकेश (फतेहाबाद, हरियाणा), राजकुमार उर्फ राजू (सिरसा, हरियाणा), नीटू (गढ़ी छानी, हनुमानगढ़), आनंद कुमार (ननाऊ, हनुमानगढ़), प्रदीप कुमार (सरदारशहर, चुरू) और एक नाबालिग शामिल है।

SP नरेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि जिले में नशा, अवैध हथियार, गैंगस्टर और उनके फॉलोअर्स की धरपकड़ के लिए यह विशेष अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा। मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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