शिक्षा

150 से अधिक मरीजों ने लिया भव्य निःशुल्क आयुर्वेद-नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर का लाभ

वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर द्वारा रावतसर में आयोजित शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी स्वास्थ्य संबंधी सलाह

हनुमानगढ़, 29 मई।आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के तत्वावधान में शुक्रवार 29 मई को रावतसर स्थित एमडी स्कूल परिसर में भव्य निःशुल्क आयुर्वेद-नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। प्रातः 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस शिविर में क्षेत्रभर से आए 150 से अधिक मरीजों एवं आमजन ने स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं उपचार सेवाओं का लाभ उठाया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेन्द्र सैनी के मार्गदर्शन मे शिविर में अनुभवी चिकित्सको डॉ. राकेश बगेरिया और डॉ. ज्योति  द्वारा रोगियों की निःशुल्क जांच कर उन्हें आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी पद्धति से उपचार संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। इस दौरान किडनी, लीवर, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, मोटापा, जोड़ों एवं घुटनों का दर्द, रीढ़ संबंधी समस्याएं, स्लिप डिस्क (L4–L5), नसों के रोग, अस्थमा, अनिद्रा, मिर्गी सहित विभिन्न दीर्घकालिक एवं जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के लिए विशेष परामर्श दिया गया।
शिविर मे मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार संतुलित आहार, दिनचर्या, योग, प्राकृतिक उपचार तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। चिकित्सकों ने कहा कि नियमित दिनचर्या, संतुलित खान-पान और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।
शिविर का शुभारंभ वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा, पूर्व विधायक द्रोपती मेघवाल, धर्मेंद्र मोची, पूर्व चेयरमैन नीलम सहारन, जेपी दुधवाल, एमडी स्कूल के व्यवस्थापक कैलाश सिंवर, दयाराम चबरवाल, रामप्रताप रेवाड़, राधेश्याम शर्मा, अनिरुद्ध शर्मा, साहित्यकार रूप सिंह राजपुरी, गुरदेव एवं पंकज पंडित सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर व रिबन काटकर  किया श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण जीवनशैली है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से खान-पान, दिनचर्या एवं जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत के प्रति लापरवाह हो रहे हैं, जिसके कारण अनेक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को बिना किसी शुल्क के विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। एमडी स्कूल के व्यवस्थापक कैलाश सिंवर एवं संस्था के डायरेक्टर रणदीप सिंवर ने कहा कि यह शिविर क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं सराहनीय पहल साबित हुआ है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही ।

इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान एवं बढ़ते मानसिक तनाव के कारण लोग अनेक गंभीर बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे समय में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति लोगों को स्वस्थ, संतुलित और रोगमुक्त जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निःशुल्क चिकित्सा शिविर समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं अतिथियों ने महर्षि वाग्भट के नाम से संचालित “वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर” की सराहना करते हुए कहा कि संस्था आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी जैसी प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने इस केंद्र की स्थापना कर समाज सेवा एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने के लिए जुनेजा परिवार का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के प्रशासक जयवीर सिंह एवं समन्वयक व शिविर प्रभारी  अनिल जांदू ने बताया कि संस्था द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के शिविर आयोजित कर लोगों को प्राकृतिक एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारतीय संस्कृति की प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा प्रणाली है, जो शरीर को बिना दुष्प्रभाव के स्वस्थ रखने में सहायक सिद्ध होती है। उन्होंने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को रोगमुक्त एवं स्वस्थ जीवन के प्रति प्रेरित करना, स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना तथा आयुर्वेद के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। शिविर के सफल आयोजन में विपणन कार्यकारी विकास भादू, मलकीत सिंह, औषधि विशेषज्ञ राजकुमार, पूजा गौड़, थेरेपिस्ट निखिल, नर्सिंग एवं आयुष तथा पैरामेडिकल विभाग के विद्यार्थियों सहित वाग्भट टीम के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

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