चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को मईया के दर्शनों के लिए प्रदेश के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पांचवे नवरात्र पर 97 हजार 500 श्रद्धालुओं ने मईया के चरणों में शीश नवाया। चैत्र नवरात्र मेले के चौथे दिन नयना देवी, चिंतपूर्णी, ज्वाला जी, बज्रेश्वरी देवी मंदिर में 49 लाख 51 हजार 619 रुपए नकद चढ़ावा मईया के चरणों में चढ़ाया है। प्रदेश में सबसे अधिक चढ़ावा नयना देवी मंदिर न्यास को 20 लाख 30 हजार 592 रुपए का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है। श्रीनयनादेवी मंदिर में पांचवें नवरात्र पर 45 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिर न्यास के अध्यक्ष धर्मपाल चौधरी ने बताया कि चौथे नवरात्र पर 20 लाख 30 हजार 592 रुपए नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है। चिंतपूर्णी मंदिर में पांचवें नवरात्र पर 18 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
चिंतपूर्णी मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि चौथे नवरात्र पर 12 लाख 80 हजार 183 रुपए चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए हैं। ज्वाला जी मंदिर में पांचवें नवरात्र पर 25 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। ज्वाला जी मंदिर अधिकार अजय मंडयाल ने बताया कि नवरात्र के चौथे दिन 11 लाख 35 हजार 41 रुपए नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है। अष्टमी के दिन 24 घंटे खुला रहेगा। कांगड़ा स्थित बज्रेश्वरी देवी मंदिर में सोमवार को छह हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में माथा टेका। मंदिर अधिकरी शिवाली ठाकुर ने बताया कि चैत्र नवरात्र मेले के चौथे दिन पांच लाख पांच हजार 803 रुपए चढ़ावा प्राप्त हुआ है। चामुंडा देवी मंदिर में सोमवार को 3500 श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाया

