*वारिवो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड दे रही है हज़ारो युवाओं को रोजगार और इंटर्नशिप का मौका-रवि जसरासरिया*
ऐलनाबाद, 5 जुलाई (रमेश भार्गव) सिरसा रोड पर स्थित वारिवो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में नोहर रोड प्रसिद्ध जनता गर्ल कॉलेज की छात्राओं ने रितु गर्ग की देखरेख में अपने 120 घंटे मुकम्मल करने उपरांत इंटर्नशिप सर्टिफिकेट प्राप्त किये। इस दौरान रवि जसरासरिया, संजय जसरासरिया, नगर पार्षद सुभाष चंद्र रिटायर्ड प्रिंसिपल कृष्ण ग्रोवर व प्रोजेक्ट प्रभारी पवन कुमार मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान बच्चों को इंटर्नशिप के बारे में जानकारी आदान प्रदान करते हुए रिटायर प्रिंसिपल कृष्ण कुमार ग्रोवर ने बताया कि छात्रों के लिए इंटर्नशिप केवल एक सर्टिफिकेट या उनके बायोडाटा में जुड़ा एक शब्द नहीं है, बल्कि यह उनके करियर की नींव रखने में सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होती है।अगर आप इंटर्नशिप के दौरान बेहतरीन काम करते हैं, तो कई कंपनियां आपको पढ़ाई पूरी होने के बाद सीधे फुल-टाइम नौकरी का ऑफर दे देती हैं। प्रोजेक्ट प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि क्लासरूम में छात्र जो कुछ भी किताबों में पढ़ते हैं, वह सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान होता है। इंटर्नशिप उन्हें यह सीखने का मौका देती है कि उस ज्ञान को असल दुनिया की समस्याओं और कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट्स में कैसे लागू किया जाता है। आज के समय में ग्रेजुएशन छात्रों के लिए इंटर्नशिप सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि एक ज़रूरत बन चुकी है। रवि जसरासरिया ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वारिवो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड अपने क्षेत्र में हज़ारो युवाओं को रोजगार और इंटर्नशिप का मौका प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में आप जो कुछ भी किताबों में पढ़ते हैं, इंटर्नशिप आपको उसे असल दुनिया में आजमाने का मौका देती है। जब आप फ्रेशर के तौर पर नौकरी ढूंढते हैं,तो आपका रिज्यूम खाली-खाली सा लगता है। लेकिन अगर उसमें 2 या 3 महीने की इंटर्नशिप जुड़ी हो, तो कंपनियों को समझ आता है कि आपको काम करने का थोड़ा-बहुत अनुभव पहले से है। यह आपको दूसरे उम्मीदवारों से आगे रखता है। समाजसेवी व नगर पार्षद सुभाष चंद्र ने कहा कि छात्रों को केवल ‘सर्टिफिकेट’ के लिए कोई भी इंटर्नशिप नहीं चुननी चाहिए। कोशिश करें कि इंटर्नशिप ऐसी जगह से हो जहां वाकई कुछ नया सीखने को मिले। कॉलेज के माहौल और ऑफिस के माहौल में जमीन-आसमान का अंतर होता है। इंटर्नशिप के दौरान छात्र सीखते हैं कि प्रोफेशनल तरीके से बातचीत कैसे की जाती है। समय सीमा का पालन कैसे होता है। टीम वर्क क्या होता हैं।इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को अपने क्षेत्र के अनुभवी पेशेवरों के साथ काम करने का मौका मिलता है।इंटर्नशिप आपको बिना किसी बड़े जोखिम के यह जानने का मौका देती है कि वे भविष्य में किस तरह का काम रोज़ाना करना चाहते हैं।

